दोस्तों शिक्षा का अधिकार हर किसी को है, लेकिन दिव्यांग छात्राओं के लिए स्कूल-कॉलेज तक पहुँचना अक्सर एक बड़ी चुनौती होती है। इसी समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांग छात्राओं के लिए मुफ्त ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की है । 2026 के बजट में इसके लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 8% अधिक है । इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना और स्कूल ड्रॉपआउट की संख्या कम करना है ।
क्या है यह योजना?
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत, स्कूल, कॉलेज या किसी मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान में पढ़ने वाली दिव्यांग छात्राओं को अधिकतम ₹65,000 तक की इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल निःशुल्क प्रदान की जाएगी । यह राशि यूपी सरकार द्वारा वहन की जाएगी, लाभार्थी को किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा ।
योजना का लाभ पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मिल रहा है। कई जिलों में पहले ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है ।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता मानदंड)
योजना का लाभ उठाने के लिए इन शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
| मानदंड | विवरण |
|---|---|
| आयु | 16 वर्ष या उससे अधिक |
| शैक्षणिक स्थिति | किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज, या प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत होना अनिवार्य |
| दिव्यांगता | 40% या उससे अधिक दिव्यांगता (मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रमाणित) |
| शारीरिक स्थिति | दोनों हाथ पूर्णतः कार्यशील हों, दृष्टि एवं मानसिक स्थिति सामान्य हो, और छात्रा ई-ट्राईसाइकिल चलाने में सक्षम हो |
| आय सीमा | आवेदिका या उसके परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता न हो |
| प्राथमिकता | BPL (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को वरीयता दी जाएगी |
| अन्य शर्त | पिछले 5 वर्षों में किसी अन्य सरकारी स्रोत से ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त न हुई हो |
मस्कुलर डिस्ट्रोफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हीमोफीलिया आदि से पीड़ित छात्राएं भी पात्र हैं । चयन में दिव्यांगता के घटते क्रम (गंभीर दिव्यांगता को पहले) और ऑनलाइन आवेदन के समय को भी प्राथमिकता दी जाती है ।
जिलेवार भर्ती की स्थिति
| जिला | विधानसभा क्षेत्र | लाभार्थी छात्राएं | स्थिति |
|---|---|---|---|
| बस्ती | प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20 | कुल 100 | आवेदन शुरू |
| बरेली | 9 विधानसभा क्षेत्र | कुल 180 | सितंबर-अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य |
| बांदा | 4 विधानसभा क्षेत्र | कुल 80 | आवेदन शुरू |
| बुलंदशहर | संपूर्ण जिला | जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित | आवेदन शुरू |
| अलीगढ़ | संपूर्ण जिला | विशेष अभियान चलाया जा रहा है | आवेदन शुरू |
आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है :
- उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- ‘ई-ट्राईसाइकिल सहायता योजना’ के लिंक पर क्लिक करें।
- मांगी गई सभी जानकारी और दस्तावेज़ (स्कैन कॉपी) अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करें और आवेदन की एक प्रति अपने पास सुरक्षित रखें।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी)
- यूडीआईडी कार्ड
- आय प्रमाण पत्र (BPL/अन्य)
- स्कूल/कॉलेज/संस्थान में अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र
अन्य राज्यों में भी इसी तरह की पहल
केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी दिव्यांगों के लिए सहायक उपकरण वितरण की योजनाएँ चल रही हैं:
- बिहार: मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण (सम्बल) योजना के तहत 40% से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल दी जाती है ।
- आंध्र प्रदेश: ADIP योजना के तहत 3,000 से अधिक लाभार्थियों को व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, बैटरी से चलने वाली साइकिल आदि वितरित किए गए ।
- जम्मू: सामाजिक कल्याण विभाग ने दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित कीं ।
निष्कर्ष
दिव्यांग छात्राओं को निःशुल्क ई-ट्राईसाइकिल योजना 2026 उत्तर प्रदेश सरकार की एक सराहनीय पहल है, जो शिक्षा और आत्मनिर्भरता के मार्ग में आने वाली भौतिक बाधाओं को दूर करने का काम कर रही है । यदि आप पात्र हैं, तो देर न करें और आज ही अपने जिले के दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय से संपर्क करके या ऑनलाइन आवेदन करके इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएँ। किसी भी प्रकार के आवेदन शुल्क से सावधान रहें—यह योजना पूरी तरह से निःशुल्क है !